candlestick pattern

Candlestick Pattern | What is Candlestick Chart Pattern?

Basic Understanding of a Candlestick Chart Pattern.

स्टॉक मार्केट में किसी शेयर की कीमत के पैमाने में होने वाले बदलाव को दिखाने का माध्यम चार्ट कहलाता है चार्ट कई प्रकार के होते हैं जैसे Line chart, Renko chart, Candlestick chart आदि| सभी तरह के चार्ट को समझने की सबकी अपनी अलग- अलग कला होती है किसी को लाइन वाले चार्ट में ज्यादा अच्छी तरह से स्टॉक के कीमत का अंदाजा होता है और किसी को कैंडल वाले चार्ट में तथा इसी प्रकार सबकी अपनी अलग अलग समझ होती है| लेकिन इंट्राडे या स्विंग ट्रेडिंग करते हुए कैंडल स्टिक वाले चार्ट को ज्यादा महत्व दिया जाता है इस चार्ट में मोमबत्ती जैसी आकृति वाली लाइने बनाई जाती हैं जो अलग-अलग समय अंतराल के अनुसार हम अपने हिसाब से बना सकते हैं जैसे 1 मिनट, 3 मिनट, 5 मिनट, 10 मिनट, 15 मिनट, 1 घंटा, 1 सप्ताह, 1 माह आदि|

Candlestick Chart को समझने के लिए कई संस्थानों ने अलग-अलग कोर्स का निर्माण किया हुआ है क्योंकि Stock Market में चार्ट को समझने के लिए टेक्निकल एनालिसिस की आवश्यकता होती है टेक्निकल एनालिसिस एक बहुत ही महत्वपूर्ण विषय होता है इसमें कंप्यूटर या मोबाइल की स्क्रीन पर बने किसी स्टॉक के चार्ट को लगाया जाता है तथा उस चार्ट पर अपनी सुविधानुसार अलग-अलग इंडिकेटर्स(indicator) लगाए जाते हैं जिसके माध्यम से हमें यह समझने में आसानी होती है कि किसी स्टॉक का मूल्य कितना ऊपर जा सकता है या कितना नीचे जा सकता है|  अगर स्टॉक मार्केट में टेक्निकल एनालिसिस में अच्छी प्रसिद्धि हासिल कर ली जाए और चार्ट को सही तरह से पढ़ना सीख लिया जाए तथा कैंडल स्टिक चार्ट की बनावट को अच्छे से समझ लिया जाए तो स्टॉक मार्केट से काफी अच्छा मुनाफा कमाया जा सकता है हम आपको नीचे कुछ Candlestick Chart के Patterns दे रहे हैं जो आपकी जानकारी को बढ़ाने में काफी महत्वपूर्ण साबित होंगे|

Candlestick Chart में सबसे नीचे वाले हिस्से को Low कहा जाता है तथा सबसे ऊपर वाले हिस्से को High कहा जाता है तथा बीच वाले हिस्से को हरी कैंडल में Open/Close और लाल कैंडल में Close/Open कहा जाता है यह आप इस फोटो में अच्छी तरह से समझ सकते हैं|

जब कभी किसी शेयर के चार्ट में इस प्रकार की बड़ी हरी कैंडल दिखाई देती है तो  उसका तात्पर्य होता है कि अब इस शेयर में तेजी आने के संकेत हैं हरी कैंडल में PRICE, Open से शुरू होकर High तक जाता है फिर Low तक जाता है और जिस Price पर कैंडल शुरू होती है उससे ऊपर बंद हो जाता है| ठीक इसी प्रकार लाल रंग की Bearish कैंडल होती है जो मंदी का संकेत देती है जब किसी चार्ट में एक बड़ी लाल कैंडल दिखाई देती है तो इसे Bearish candle कहते हैं|

किसी भी शेयर के चार्ट में डोजी कैंडल का बहुत महत्व होता है जब कोई शेयर तेजी से शुरू होकर धीरे धीरे औसत मूल्य पर आ जाए और वहां पर इस प्रकार की डोजी कैंडल बन जाए या इसके विपरीत कोई शेयर गिरते हुए धीरे-धीरे अपने औसत मूल्य पर आ जाए और वहां पर लाल रंग की डोजी कैंडल बन जाए, इस स्थिति में माना जाता है कि बाजार में इस शेयर को खरीदने वाले तथा बेचने वाले समान संख्या में मौजूद है| इस तरह की स्थिति में यह कहना बहुत मुश्किल होगा कि यह शेयर ऊपर जाएगा या नीचे| डोजी कैंडल का संकेत होता है कि अब इस शेयर में ट्रेंड बदलने वाला है|

हैंगिंग मैन कैंडल भी एक महत्वपूर्ण कैंडल होती है जब यह कैंडल लाल रंग में बनती है तथा इसकी बॉडी का साइज छोटा होता है और इसकी नीचे को लंबाई ज्यादा होती है तब माना जाता है कि कुछ लोग इस शेयर का दाम नीचे ले जाना चाहते हैं लेकिन फिर से कुछ लोग इसी शेयर का दाम ऊपर ले आते हैं इस तरह की स्थिति में भी लोग लोगों का मानना होता है कि यहां से शेयर के ट्रेंड में बदलाव आ सकता है|

ग्रेवस्टोन डोजी  Candle जब किसी शेयर के चार्ट में ऊपर लाल रंग में बनती है तब संकेत होता है कि अब शेयर में मंदी आ सकती है तथा इसके विपरीत जब किसी शेयर में नीचे की ओर हरे रंग में ग्रेवस्टोन डोजी बनती है तब माना जाता है कि इस शेयर में तेजी आने के बहुत ज्यादा संकेत हैं|

शेयर के गिरते हुए दाम में जब लोग किसी शेयर को अधिक बेच देते हैं और अचानक से उसमें दूसरे खरीदार आकर ज्यादा खरीदारी कर देते हैं और कैंडल की आकृति हथौड़े की तरह बन जाती है तब इसे हैमर कैंडल कहते हैं इस तरह की कैंडल का संकेत शेयर के ट्रेंड में बदलाव आने का होता है|

जब किसी शेयर में तेजी आती है तब वहां पर शेयर के चार्ट में एक बड़ी हरे रंग की कैंडल बनती है उसके बाद पहले वाली से थोड़ी छोटी हरी कैंडल बनती है इसी प्रकार फिर से पहले वाली से थोड़ी और छोटी कैंडल बनती है और फिर अचानक से अगर लाल रंग की स्पिनिंग टॉप कैंडल ऊपर की ओर बन जाए, तब यहां से हमें संकेत मिलता है कि इस शेयर में तेजी खत्म हो रही है और यहां से शेयर के दाम गिर सकते हैं ठीक इसी प्रकार जब किसी शेयर में मंदी आती है तो एक बड़ी लाल रंग की कैंडल बनती है फिर उससे थोड़ी छोटी लाल रंग की कैंडल बनती है और इसी प्रकार एक समय पर हरे रंग की स्पिनिंग कैंडल बनती है इन कैंडल का संकेत भी यही रहता है कि अब शेयर में खरीदार और बेचने वाले लगभग समान संख्या में है यहां से ट्रेंड बदल सकता है|

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