What is “BULL vs BEAR” Market | बाजार में तेजी और मंदी का क्या मतलब होता है?

Bull vs Bear Market

अक्सर आपने टीवी में न्यूज़ में और लोगों को कहते सुना होगा कि मार्केट अभी बुल(Bull) है या फिर यह कहते हुए सुना होगा कि मार्केट अभी बियर(Bear) है तो चलिए जानते हैं की Bull Market और Bear Market में क्या अंतर होता है |

दोस्तों जब किसी कंपनी या इंडेक्स में खरीदारों की संख्या बढ़ जाती है तथा जब ज्यादातर लोगों को लगता है कि इस कंपनी का दाम भविष्य में बढ़ने वाला है तो ज्यादातर लोग उस कंपनी या इंडेक्स का शेयर खरीद लेते हैं| लगातार खरीदारी होने की वजह से मार्केट में सप्लाई कम हो जाती है और इसी वजह से शेयर का दाम Green Line में ऊपर चला जाता है और इसी तरह जब मार्केट में सभी शेयरों में खरीदारी चलती है तो पूरा मार्केट ऊपर उठ जाता है इसी प्रक्रिया को हम Bull Market कहते हैं| Bull Market में इन्वेस्टर्स को काफी अच्छा मुनाफा मिलता है क्योंकि जब शेयर के दाम कम होते हैं तब इन्वेस्टर(Investors) शेयर को खरीद लेते हैं और Bull Rally शुरू होने पर शेयर के दाम बढ़ जाने के बाद अपना पैसा मार्केट से निकाल लेते हैं इस तरह से काफी सारे इन्वेस्टर और ट्रेडर Bull Market से बहुत अच्छा पैसा बनाते हैं|

बियर-मार्केट (Bear Market) आने पर भी अक्सर लोगों में, न्यूज़ चैनल में और अखबारों में यह बात आम हो जाती है कि बाजार में मंदी आ गई है मंदी आने का मतलब ही Bear Market होता है आइए समझते हैं कि Bull Market क्या होता है जब लोगों को लगता है कि भविष्य में यह कंपनी अच्छा प्रदर्शन नहीं करेंगी या इस कंपनी के तिमाही नतीजे(Quarterly Resul) लाभ में नहीं आएंगे या फिर कोई ऐसी घटना जिससे कंपनी की आर्थिक स्थिति कमजोर हो सकती है, इन्हीं सब कारणों की वजह से उपभोक्ता, जिनके पास कंपनी के शेयर होते हैं वह सब अपने शेयर बेच कर और अपना पैसा लेकर मार्केट से बाहर हो जाते हैं|

इसी प्रकार जब मार्केट में सप्लाई ज्यादा हो जाती है तो शेयर का दाम Red Line में नीचे की ओर गिरने लगता है और इस प्रक्रिया को बियर मार्केट या मंदी का बाजार कहते हैं| हमें आशा है कि आप को मार्केट और बियर मार्केट में अंतर समझ आया होगा अपने विचार हमें कमेंट कीजिए|

 

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